Janmashtami 2025 Upay: जन्माष्टमी के दिन अपनाएं ये 5 उपाय, जन्माष्टमी का त्यौहार काफी धूमधाम से भारत में मनाया जाता है लोग श्री कृष्णा की पूजा बड़े खास तरीके से करते हैं और उन्हें तरह-तरह का चढ़ावा चढ़ाते हैं ऐसे में कुछ उपाय करने से हमें बहुत ही ज्यादा लाभ मिलता है जन्माष्टमी का दिन बहुत शुभ माना जाता है।
ऐसे में कई शुभ संकेत आपके जीवन में आते हैं और सफल होने का बहुत ही अच्छा मौका आपके पास होता है इस बार 2025 को 16 अगस्त शनिवार भगवान श्री कृष्ण की कृपा के लिए आपको हम कुछ खास उपाय बताएंगे जिससे आप भी अपने कर्ज से मुक्ति पाने के साथ-साथ का ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे और इन्हें अपने में आपको कोई कठिनाई भी नहीं होगी श्री कृष्णा आपसे बहुत की प्रसन्न हो जाएंगे और आपकी अपनी हर परेशानी से छुटकारा पा सकेंगे।
जन्माष्टमी पर अपनाएं ये 5 अचूक उपाय-
1. कर्ज से मुक्ति पाने के लिए आप मक्खन और मिश्री का भोग श्री कृष्ण को लगा सकते हैं मक्खन और मिश्री भगवान श्री कृष्ण को अत्यंत प्रिय होती है फिर आप भोग लगाने के बाद किसी 5 साल छोटे बच्चों को इस बांट दे। ऐसा करने से आप जल्द ही अपने कर्ज से छुटकारा पा लेंगे।
2. साथ ही यदि आपके घर में कलेश और परिजनों के बीच लड़ाई-झगड़ा बने रहते हैं तो घर में सुख-शांति के लिए आप बाबुल दाल, हल्दी या पीली पोशाक गरीबों को दान कर सकते हैं इससे आप आर्थिक तंगी से छुटकारा पाते हैं और आपके घर में धन का आगमन तेजी से होता है।

3. कुछ लोग कई रोगों से ग्रसित होते हैं पर यदि आप जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण को तुलसी अर्पित करके उसे तुलसी को खाएं तो इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है साथ ही आपकी अपनी इलाज बीमारी से छुटकारा पा लेते हैं।
4. श्री कृष्ण का जन्माष्टमी के दिन ध्यान और नाम जाप करने से भी स्वस्थ जीवन की प्राप्ति हो सकती है इस दिन ‘हरे कृष्णा हरे राम’ महामंत्र का जाप करें तो आपको मानसिक और शारीरिक दोनों तौर पर लाख होता है साथ ही आप यदि जन्माष्टमी की रात घर में देसी घी का दीपक जलाते हैं और इसका धुंआ पूरे घर में करते हैं तो इससे भी नकारात्मकता आपके घर से दूर होती है और कई स्वास्थ्य लाभ मिलने के साथ-साथ परेशानियां भी जड़ से खत्म हो जाती है।
5. कर्ज से छुटकारा पाने के लिए आप जन्माष्टमी की रात 12:00 शंकर में गंगाजल डालकर श्री कृष्णा को स्नान कारण और रंग-बिरंगे कपड़े पहनना है साथ ही स्नान करते समय ”ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” का 108 बार जब जरुर करें।