गांव में रहकर शुरू करें इन मुर्गों का पालन, डॉलर में कमाई के साथ दिलायेगा बेहतरीन सेहत आइये आपको बताते हैं बेहतरीन कमाई के लिए आप कैसे कर सकते हैं इन मुर्गों के पालन की शुरुआत।
गांव से शुरू करें इन मुर्गों का पालन
अगर आप भी पशुपालक किसान है और गांव में रहकर किसी बेहतरीन पशु का पालन करना चाहते हैं तो आज हम आपको एक ऐसे मुर्गे की नस्ल के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका पालन करना आपके लिए भी बहुत ही बेहतरीन होने वाला है। इससे आपकी आय के साधन तेजी से बढ़ेंगे। कड़कनाथ एक ऐसी प्रजाति मानी जाती है जो की मुर्गों में सबसे उच्च क्वालिटी में गिना जाता है। गांव में रहकर आप छोटे स्तर पर भी इन मुर्गों का पालन कर सकते हैं।

कड़कनाथ का मुर्गा बाजार में काफी ऊंची कीमतों पर बिकता है। साथ ही इसके लिए पोल्ट्री फार्म खोलने के लिए सरकार भी आर्थिक सहायता देती है। इन मुर्गों का पालन करने से आपको ताबड़तोड़ कमाई होने वाली है। आइये आपको बताते हैं किस तरह शुरू कर सकते हैं आप इसका पालन।
इस तरह कर सकते हैं शुरुआत
कड़कनाथ मुर्गों का पालन करने के लिए आप किसी पोल्ट्री फार्म से ट्रेनिंग ले सकते हैं। साथ ही सरकार भी जगह-जगह पर केंद्र बनाकर इसके लिए ट्रेनिंग उपलब्ध करा रही है। पोल्ट्री फार्म से आप मात्र 10 मुर्गी लाकर भी इसके बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। पोल्ट्री फार्म में इसके पालन की पूरी जानकारी दी जाती है साथ ही आपको कुछ चूजे भी उपलब्ध कराए जाते हैं। जिससे कि आप इसके पालन की शुरुआत कर सकते हैं कड़कनाथ पालन एक बेहतरीन व्यवसाय एक माना जा रहा है। इसके रेट बाजार में काफी ज्यादा होते हैं। साथ ही यह सेहत में भी काफी अच्छे असर दिखाता है। हिमोग्लोबिन को बढ़ाने में यह बहुत ही बेहतरीन माना जाता है जिस कारण इसका सेवन करना लोग बहुत ही ज्यादा पसंद करते हैं। कड़कनाथ का मांस स्वादिष्ट होता है साथ ही कई सारे पोषक तत्व और विटामिन से भरपूर होता है।
कमाई का बनेंगे बेहतरीन साधन
कड़कनाथ का पालन कर आप कमाई का एक बहुत ही बेहतरीन जरिया ढूंढ सकते हैं। बाजार में कड़कनाथ की कीमत 3 से 4000 तक होती है साथ ही कड़कनाथ मुर्गी का मांस बाजार में 1 हजार से ₹1500 के प्रति किलो तक बिकता है। कड़कनाथ मुर्गी के एक अंडे की कीमत बाजार में 50 से 60 रुपए तक होती है। जिस कारण आप इसका पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। कड़कनाथ मुर्गे अन्य मुर्गे की तुलना में बीमार भी काफी कम पड़ते हैं। जिसके कारण इन पर लागत भी काफी कम आती है।